दीपावली का महत्व
दीपावली अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर आशा की विजय का पर्व है। कार्तिक मास की अमावस्या को घर-घर दीप जलाए जाते हैं, माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन होता है और परिवार एक साथ खुशियाँ बाँटता है।
पाँच दिनों का उत्सव
- धनतेरस — स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना, नई वस्तु की खरीद।
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — बुराई के अंत का प्रतीक।
- दीपावली — लक्ष्मी-गणेश पूजन और दीपमाला।
- गोवर्धन पूजा — प्रकृति और अन्न के प्रति आभार।
- भाई दूज — भाई-बहन के स्नेह का दिन।
लक्ष्मी पूजन मंत्र
श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
दीप जलाते समय सावधानियाँ
- दीपक के पास पर्दे, कागज़ या कोई ज्वलनशील वस्तु न रखें।
- बच्चों को दीपक और पटाखों से दूर, बड़ों की निगरानी में रखें।
- पटाखे सीमित जलाएं — पशु-पक्षियों, बुज़ुर्गों और पर्यावरण का ध्यान रखें।
- मिट्टी के दीये खरीदकर स्थानीय कुम्हारों की आजीविका में सहयोग करें।
दीपोत्सव क्या है?
दीपोत्सव एक निःशुल्क डिजिटल दीपमाला है। आप मोबाइल पर पाँच दीप जला सकते हैं, आतिशबाजी देख सकते हैं और माँ, पिताजी, परिवार या मित्रों को WhatsApp पर दीपावली की शुभकामना भेज सकते हैं। यह पारंपरिक पूजा का विकल्प नहीं, बल्कि दूर बैठे अपनों तक शुभकामना पहुँचाने का एक छोटा माध्यम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या यह निःशुल्क है?
जी हाँ, दीप जलाना और संदेश भेजना पूरी तरह निःशुल्क है।
क्या मेरा नाम सुरक्षित रहता है?
नाम केवल उसी WhatsApp संदेश में जुड़ता है जो आप स्वयं भेजते हैं। हम इसे सर्वर पर सहेजते नहीं हैं।