बेमौसम बारिश ने सीतापुर के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जिले के कई इलाकों में हुई अचानक बारिश से खेतों में कटी पड़ी धान की फसल भीग गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं सरसों और तिल जैसी रबी फसलों पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है।
धान की फसल की कटाई के बीच आई इस बारिश ने उपज की गुणवत्ता पर बुरा असर डाला है। किसानों का कहना है कि खेतों में भीगी पड़ी फसल अब सड़ने लगी है। यदि जल्द धूप नहीं निकली तो दानों में फफूंदी लगने और अंकुरण शुरू होने का खतरा है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार जिले में धान की फसल बेहतर हुई थी, लेकिन बारिश ने किसानों को बड़ा आर्थिक झटका दिया है। जिन किसानों ने पहले ही फसल काट ली थी, उनकी उपज अब खराब होने लगी है। खेतों में पानी भरने से सरसों और तिल के पौधे भी गल गए हैं।
कई किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी और इस उपज से मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसान अब प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन ने फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार के अनुसार, राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी किसान को भारी नुकसान हुआ हो तो वह टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी फसलों की बुआई के लिए खाद और बीज की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है। जिले की सभी सहकारी समितियों पर डीएपी और उच्च गुणवत्ता वाले बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
किसानों का कहना है कि अब उनकी पूरी उम्मीद धूप पर टिकी है। अगर दो-तीन दिन तक साफ मौसम नहीं रहा, तो खेतों में पड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी।
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