सीतापुर के लहरपुर तहसील क्षेत्र में पराली जलाने का मामला सामने आया है। धान की फसल काटने के बाद खेत में पराली जलाने वाले किसान पर प्रशासन ने 2500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, तहसील के पैंतला गांव निवासी किसान रामचंद्र पुत्र रामप्रकाश ने अपनी साढ़े तीन बीघा भूमि में धान की फसल काटने के बाद खेत में पराली जला दी थी। घटना की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच की।
निरीक्षण में पराली जलाने की पुष्टि होने के बाद किसान पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उक्त राशि सरकारी कोष में जमा कराई गई है।
उपजिलाधिकारी आकांक्षा गौतम ने बताया कि किसानों को लगातार पराली न जलाने की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, मृदा की गुणवत्ता घटती है और उपयोगी कीट नष्ट हो जाते हैं।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे पराली को जलाने के बजाय गोआश्रय केंद्रों में भेजें, जहां उसे खाद बनाने में उपयोग किया जाता है। इससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता और किसानों को भी लाभ मिलता है।
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