Sitapur Ki News: सीतापुर के सिधौली क्षेत्र में खेल प्रतिभाएं सुविधाओं के अभाव से जूझ रही हैं। नगर में सार्वजनिक स्टेडियम न होने के कारण स्थानीय खिलाड़ी क्रिकेट, कबड्डी और अन्य खेलों के अभ्यास के लिए उपयुक्त मैदान तक नहीं पा रहे।
मजबूरी में कई खिलाड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए लखनऊ के विभिन्न स्टेडियमों में जाकर अभ्यास करते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम की कमी न केवल अभ्यास को प्रभावित करती है, बल्कि उभरती प्रतिभाओं के भविष्य पर भी गहरा असर डाल रही है।
स्थानीय खिलाड़ियों ने बताया कि गांधी महाविद्यालय के पड़ाव मैदान पर ही अभ्यास करना पड़ता है, लेकिन यह मैदान अक्सर राजनीतिक दलों की रैलियों, मेलों, सर्कस और अन्य आयोजनों के कारण उपलब्ध नहीं रहता। कई बार मैदान खराब होने पर खिलाड़ी अपनी जेब से खर्च कर उसे ठीक कराते हैं।
महिला खिलाड़ी और आयोजक आरजू सिंह ने कहा कि मैदान में जलभराव और गड्ढे आम समस्या हैं, जिससे नियमित प्रशिक्षण प्रभावित होता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि नगर में बेहतर खेल मैदान या स्टेडियम बने, तो खिलाड़ी न केवल सुरक्षित और बेहतर माहौल में अभ्यास कर सकेंगे, बल्कि जिले में बड़े खेल आयोजन भी कराए जा सकेंगे।
स्थानीय खिलाड़ी मोहम्मद कैफ और सऊद का कहना है कि खेलों से स्वास्थ्य एवं मानसिक मजबूती दोनों मिलती हैं, इसलिए युवाओं की बड़ी संख्या खेलों में आती है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई प्रतिभाएं बीच रास्ते में ही रुक जाती हैं। खेल के बुनियादी ढांचे की कमी उनके विकास की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
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वहीं खिलाड़ी शिवम का कहना है कि यदि किसी खिलाड़ी को राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना है, तो उसे उच्च गुणवत्ता वाले अभ्यास की आवश्यकता होती है, जो सिधौली में उपलब्ध नहीं है।
खिलाड़ियों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से अपील की है कि क्षेत्र में तत्काल एक आधुनिक स्टेडियम का निर्माण कराया जाए, ताकि प्रतिभाएं पलायन न करें और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकें।
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