सीतापुर जिले पिसावां के दिलावलपुर गांव में जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मंगलवार सुबह दो पक्षों के बीच हुए झगड़े में 11 वर्षीय बालिका की भाला घोंपकर हत्या कर दी गई, जबकि उसके दादा, पिता और दो चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी हरिहर और उनके पट्टीदार ताराचंद के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार को विवाद उस समय बढ़ गया जब ताराचंद के परिवार की महिलाएं हरिहर के खेत के किनारे लकड़ी रखने लगीं। विरोध करने पर दोनों पक्षों में झगड़ा शुरू हो गया।
देखते ही देखते ताराचंद, विजय बहादुर, सत्येंद्र और अन्य लोग हथियार लेकर पहुंच गए। उन्होंने हरिहर के परिवार पर हमला बोल दिया। भागते हुए हरिहर, उनके बेटे धर्मेंद्र और रामसागर को गांव के चौराहे पर घेर लिया गया। इसी दौरान विजय बहादुर ने भाले से हमला कर दिया, जिससे रामसागर की 11 वर्षीय बेटी चंद्रप्रभा गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना के बाद परिजन घायल हालत में सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिसावां लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने चंद्रप्रभा को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल अन्य लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बुधवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों — विजय बहादुर, ताराचंद, रामदयाल और हेमवती — को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति शांत बनी रहे। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच जमीन का यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा था और कई बार पंचायत में भी इसकी चर्चा हो चुकी थी। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।
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