Sitapur Ki News: सीतापुर में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की मुहिम लगातार तेज होती जा रही है। इसी सिलसिले में बुधवार शाम लहरपुर तहसील प्रशासन ने सरकारी तालाब की भूमि पर बने 10 पक्के दुकानों को ध्वस्त करते हुए कार्रवाई की। अधिकारियों ने मौके पर बुलडोजर लगवाकर अवैध निर्माण हटवाया और जमीन को प्रशासनिक नियंत्रण में लिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
मामला ग्राम मेहंदी पुरवा मजरा अमौरा बेनी रामा का है, जहां राजस्व अभिलेखों में चिह्नित तालाब गाटा संख्या 876 की 0.623 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण कर लिया गया था। राजस्व टीम के अनुसार कुल 10 लोगों ने तालाब को पाटकर पक्की दुकानें बना दी थीं।
प्रशासन ने इसे अवैध कब्जा मानते हुए उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में वाद दायर किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने तालाब को मूल स्वरूप में बहाल करने और अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए।
अदालती आदेश मिलते ही प्रशासन ने राजस्व अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की। कुछ ही घंटों में सभी दुकानों को ढहा दिया गया और जमीन को अतिक्रमण मुक्त घोषित किया गया। तहसीलदार मनीष त्रिपाठी के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये के आसपास है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि, तालाब और जलस्रोतों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है।
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल की सख्त निगरानी में कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी कर ली गई। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि जिले में तालाब, चारागाह और सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा पाए जाने पर आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
SitapurCity.com की न्यूज़ अपडेट्स तुरंत अपने WhatsApp पर पाएं !
अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखना आवश्यक है, ताकि गांवों में जल संचयन, सिंचाई और सामुदायिक उपयोग प्रभावित न हो। राजस्व टीम ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने से बचें और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें।
यह भी पढ़ें: लखनऊ टी-20 बिना खेल शुरू हुए रद्द, BCCI टिकट का पूरा पैसा लौटाएगा







