Sitapur Ki News: सीतापुर में लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर के कई इलाकों में अतिक्रमण हटाने के लिए लाल निशान लगाए जाने के बाद व्यापारी और स्थानीय लोग एकजुट होकर विरोध में उतर आए। लालबाग चौराहे से काशीराम कॉलोनी मार्ग तक बड़ी संख्या में दुकानों व घरों पर लगे लाल निशानों को लेकर नाराज नागरिकों ने कहा कि कार्रवाई मनमाने तरीके से की गई है और सही पैमाइश के बिना भवनों को चिह्नित किया गया है। आरोप है कि विभाग ने पुराने कब्जों को नजरअंदाज करते हुए केवल चुनिंदा दुकानों और संपत्तियों को ही निशाना बनाया है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
सोमवार को सैकड़ों व्यापारी व गृहस्वामी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी राजा गणपति से मुलाकात की। व्यापारियों ने बताया कि डीएम को लाल निशानों के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी, जिससे लोगों का विरोध और तेज हो गया। करीब तीन मिनट चली बैठक में डीएम से निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की गई। व्यापारियों ने साफ किया कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई पूरी तरह प्रमाणिक दस्तावेज़ों और सटीक पैमाइश के आधार पर होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होगा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी प्रक्रिया और नियमानुसार होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी भवनों की सही पैमाइश कर रिपोर्ट तैयार की जाए। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों को दो दिन बाद पुनः बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसमें प्रशासन द्वारा अंतिम फैसला प्रस्तुत किया जाएगा।
व्यापारियों का कहना है कि शहर के विकास में वे हमेशा सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन चयनात्मक कार्रवाई से लोग डरे हुए हैं। दुकानदारों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की है और सभी से दस्तावेज़ लेकर सत्यापन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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