सीतापुर में जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने बुधवार सुबह विकासखंड हरगांव के विभिन्न सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई जगहों पर गंभीर लापरवाही मिली। पीएचसी, आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय में अनुपस्थित कर्मचारी देखकर डीएम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बर्खास्त किया और प्रधानाध्यापक का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए।
डीएम सुबह करीब 9:20 बजे प्राथमिक विद्यालय मलिहाबाद पहुंचे। वहां पर उन्होंने बच्चों से शिक्षण कार्य और मिड डे मील के बारे में जानकारी ली। जांच में पाया गया कि सहायक अध्यापक अशोक कुमार देर से स्कूल पहुंचे थे। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए उनका एक दिन का वेतन काटने और प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश बीएसए को दिए।
इसके बाद डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र मलिहाबाद का निरीक्षण किया। यहां पर न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थी और न ही आशा बहू। साथ ही वीएचएसएनडी सत्र की स्थिति भी बेहद खराब मिली। इस पर डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने और सेंटर सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण का तीसरा पड़ाव रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेलूमऊ। यहाँ डीएम को अस्पताल खुला तो मिला, लेकिन कोई भी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं था। इस पर उन्होंने सीएचओ बलजिंदर कौर की वेतन वृद्धि रोकने और पीबीआई बिल काटने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
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डीएम ने मौके पर ही अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी विभाग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के सुचारु संचालन और नागरिकों को सेवाएं सुनिश्चित कराने के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इस निरीक्षण अभियान के दौरान डीएम ने यह भी कहा कि आगामी दिनों में ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता और जिम्मेदारी सुनिश्चित हो सके।
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