Sitapur Ki News: सीतापुर के रामकोट क्षेत्र में स्थित दारुका पेपर मिल कई महीनों से बंद पड़ी है, जिससे लगभग 500 श्रमिकों के सामने रोज़गार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बुधवार दोपहर बाद गुस्साए श्रमिकों ने फैक्ट्री गेट पर जोरदार प्रदर्शन शुरू किया। आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि मिल साझेदारों के आपसी विवाद के कारण बंद है, जबकि श्रमिकों के बकाया वेतन अभी तक नहीं दिए गए।
श्रमिकों का आरोप है कि प्रबंधन ने न तो उन्हें बंदी की जानकारी दी और न ही दो महीने से लंबित मजदूरी का भुगतान किया। इस स्थिति ने उनके परिवारों के भरण-पोषण को संकट में डाल दिया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद मिल मालिकों द्वारा कोई सुनवाई न होने पर श्रमिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
किसान नेता सिद्धू ने श्रमिकों की मांगों को पूरी तरह उचित बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को दो महीने का बकाया वेतन और कम से कम छह महीने का मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि उनके परिवारों को आर्थिक सहारा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि छह महीनों में मिल दोबारा शुरू नहीं होती, तो श्रमिकों को अन्य जगह नौकरी खोजने का अवसर मिल सकेगा।
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श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक प्रदर्शन मिल गेट पर जारी रहेगा। आंदोलन में बड़ी संख्या में श्रमिक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। मामले ने अब प्रशासन का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
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