Sitapur Ki News: सीतापुर के मिश्रिख मंडी में धान की तौल बंद होने से किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कोई किसान पांच दिन से तो कोई सात दिन से ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लदे धान के साथ मंडी में खड़ा है, लेकिन अब तक तौल नहीं हो सकी। बृहस्पतिवार को मंडी में करीब 30 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां धान से भरी खड़ी थीं। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी केवल ‘नंबर आने पर तौल होगी’ कहकर टाल रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि बोरे ही उपलब्ध नहीं हैं।
किसान श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि सात दिन से मंडी में खड़े रहने के बावजूद अब तक धान की खरीद नहीं हुई। वहीं किसान प्रवीण कुमार और लल्लन शुक्ला ने कहा कि उन्हें 10 दिन पहले लौटाकर बताया गया था कि ‘10 दिन बाद आना’, लेकिन जब वे वापस आए तो तौल फिर बंद थी। किसानों के अनुसार मंडी में बिचौलियों की सक्रियता अधिक है और उन्हीं का धान खरीदा जा रहा है। कई किसानों का यह भी आरोप है कि बिना पैसे के कोई कार्य नहीं होता, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है।
मंडी में स्थापित चार क्रय केंद्रों के बावजूद अव्यवस्था खत्म नहीं हो रही। विपणन अधिकारी क्रांति राठौर ने तौल बंद होने का कारण बोरे की कमी बताया, जबकि किसानों का कहना है कि यह केवल एक बहाना है। धान की तौल में देर होने से उनकी फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बनी हुई है।
Sitapur की ताज़ा न्यूज़ अपडेट्स तुरंत अपने WhatsApp पर पाएं!
एसडीएम शैलेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि धान क्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। वजीरनगर केंद्र पर निरीक्षण के दौरान प्रभारी अनुपस्थित मिले, जिस पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि मंडी में कोई गड़बड़ी या मनमानी पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए अब प्रशासन पर त्वरित समाधान का दबाव बन गया है।
यह भी पढ़ें: सीतापुर में रेलवे स्टेशन पर बम धमाके की फर्जी सूचना देने वाला युवक गिरफ्तार







