Sitapur Ki News: सीतापुर में नैमिष में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, 97 करोड़ की हाईटेक सड़क परियोजना

naimisharanya smart corridor
5/5 - (1 vote)

Sitapur Ki News: सीतापुर में धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र नैमिष के बुनियादी ढांचे को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए 97.41 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इस प्रोजेक्ट का डीपीआर पूरा हो चुका है और नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद की नियोजन व विकास समिति की पहली बैठक इसी सप्ताह निर्धारित है। इस बैठक में एक विशेष स्मार्ट कॉरिडोर विकसित करने पर प्राथमिक रूप से चर्चा होगी, जिससे प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच एकरूपता और सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित हो सके।

योजना के अनुसार ललिता देवी मंदिर से चक्रतीर्थ होकर राजघाट तक लगभग 2100 मीटर लंबे मार्ग का कायाकल्प 48.98 करोड़ रुपये में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ललिता देवी मंदिर से कालीपीठ चौक होते हुए राजघाट तक 1600 मीटर सड़क को भी एक ही डिजाइन, रंग और सुविधा प्रारूप के तहत विकसित किया जाएगा, जिसके लिए 48.43 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। दोनों ही सेक्शन में श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक पर्यटन को केंद्र में रखा गया है।

इन सड़कों के दोनों किनारों पर प्री-कॉस्ट परफोरेटेड आरसीसी ड्रेन कवर लगाए जाएंगे ताकि जलभराव की समस्या न हो। वहीं, किनारों पर रबर पेवर टाइल्स से फुटपाथ तैयार किया जाएगा, जिसकी मुख्य विशेषता मौसम के उतार‐चढ़ाव में टिकाऊ और लचीला रहना है। रबर पेवर फुटपाथ कंक्रीट संरचना की तुलना में कम टूट-फूट वाला माना जाता है, जिससे रखरखाव का खर्च भी कम होता है। परियोजना में हरियाली और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि यह कॉरिडोर पर्यावरण अनुकूल और आकर्षक बन सके।

प्रकाश व्यवस्था के लिए 9.24 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक, ऑल-वेधर स्ट्रीट लाइटें स्थापित करने की योजना है। मुख्य सड़क को कंक्रीट से मजबूती के साथ विकसित किया जाएगा, जबकि दोनों ओर मिर्जापुर सैंड स्टोन की कलात्मक रेलिंग श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुरक्षा और सुंदरता दोनों का अनुभव देगी। परियोजना का उद्देश्य नैमिष में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देना और एक विश्वस्तरीय तीर्थ वातावरण तैयार करना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

WhatsApp चैनल फ़ॉलो करें

SitapurCity.com की न्यूज़ अपडेट्स तुरंत अपने WhatsApp पर पाएं !

नैमिष कॉरिडोर में इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था भी चर्चा का मुख्य विषय है। इससे तीर्थ क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षित धार्मिक वातावरण जैसे लक्ष्य प्राप्त किए जाएंगे। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि योजना लागू होने के बाद नैमिषारण्य का बुनियादी ढांचा न केवल मजबूत होगा, बल्कि विश्वस्तरीय श्रेणी में शामिल होने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।

यह भी पढ़ें: सीतापुर में विजिबिलिटी सिर्फ 5 मीटर, कोहरे ने रोकी रफ्तार

Share this post!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!