Sitapur Ki News: सीतापुर में जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुरेश कुमार ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रेउसा का औचक निरीक्षण कर बड़ी लापरवाही का खुलासा किया। जांच के दौरान पता चला कि 16 व 17 नवंबर को जन्मे 19 नवजात शिशुओं को बर्थ डोज नहीं दी गई, जो स्वास्थ्य विभाग के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
इस लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई करते हुए स्टाफ नर्स आकांक्षिका खरे का 15 दिन और नर्स पुष्पा का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया, वहीं सीएचसी अधीक्षक को एक सप्ताह के भीतर सभी कमियां दूर करने के आदेश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने पाया कि रोस्टर ड्यूटी बोर्ड गायब था, जबकि ड्रेसिंग रूम में रजिस्टर उपलब्ध नहीं था। वहीं, काउंसलर कक्ष में फटी हुई खिड़की और अव्यवस्थित रजिस्टर मिले, जिस पर काउंसलर ज्ञान देवी को चेतावनी दी गई। प्रसव कक्ष में नवजातों के लिए आवश्यक ट्रे भी नहीं मिली, जिसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तुरंत कार्रवाई की गई।
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एनबीएसयू यूनिट में भी कोई रजिस्टर नहीं मिला और कई बच्चों का वजन कम पाया गया। स्टोर रूम में काम की और एक्सपायर्ड दवाओं को एक साथ रखा गया, जिसे देखकर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधीक्षक डॉ. अनंत मिश्र को फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाओं को तय समय सीमा में सुधारना होगा, नहीं तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सीएमओ ने यह भी स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नवजातों की सुरक्षा एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है और आने वाले दिनों में अन्य केंद्रों पर भी निरीक्षण की संभावना जताई जा रही है।
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