Sitapur Ki News: सीतापुर में ग्रामीण आवागमन में वर्षों से चली आ रही मुश्किलें अब दूर होने जा रही हैं। गोबरहिया नदी के कन्हई घाट पर स्थायी पुल निर्माण को शासन की मंजूरी मिल गई है। परियोजना की कुल लागत 28 करोड़ रुपये तय की गई है और पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। पुल तैयार होने के बाद इस क्षेत्र को न केवल बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा, बल्कि बरसात और बाढ़ के दौरान ग्रामीणों की मूलभूत समस्याएं भी काफी हद तक समाप्त होंगी।
रामपुर मथुरा ब्लॉक के कनरखी क्षेत्र में कन्हई घाट लंबे समय से ग्राउंड-कनेक्टिविटी की कमी से जूझ रहा है। यहां स्थायी पुल न होने के कारण करीब 25 गांवों की लगभग 40 हजार आबादी गोबरहिया नदी को नाव के माध्यम से पार करने को मजबूर रही है। ग्रामीणों के दैनिक आवागमन से लेकर मरीजों, स्कूल बच्चों और कामकाजी लोगों तक—सभी के लिए नाव पर निर्भरता जोखिम भरी साबित होती है।
वर्तमान में घाट पर पीपा पुल की व्यवस्था है, लेकिन बरसात और बाढ़ के समय यह उपयोगहीन हो जाता है। ऐसे हालात में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नाव का सहारा लेना पड़ता है। स्थानीय लोगों की शिकायतों और बाढ़ निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय विधायक ने जिले के प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह से यहां स्थायी पुल की मांग रखी थी। निरीक्षण के बाद भूमि चिह्नांकन कराया गया और अब आखिरकार शासन की हरी झंडी मिल गई है।
ग्रामीणों का मानना है कि यह पुल उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा। इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि कार्यों में सुगमता आएगी। बाढ़ प्रभावित इलाकों में समय पर मदद पहुंचने में भी सुविधा होगी। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि फंड रिलीज होने के बाद निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
SitapurCity.com की न्यूज़ अपडेट्स तुरंत अपने WhatsApp पर पाएं !
इस निर्णय से इलाके में उत्साह का माहौल है। लोग अब नाव के जोखिम, परिवहन की बाधाओं और अलगाव की समस्या से मुक्त होने की उम्मीद कर रहे हैं। पुल निर्माण क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ विकास को नई गति देने वाला साबित हो सकता है। यदि निर्माण निर्धारित समयसीमा में पूरा होता है, तो कन्हई घाट और आसपास के गांवों के लिए यह परियोजना गेम-चेंजर साबित होगी।
यह भी पढ़ें: सीतापुर में युवक पर जानलेवा हमला, खेत में फेंककर फरार हुए आरोपी







