Sitapur Ki News: नया वर्ष सीतापुर के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में परिवर्तनकारी साबित होने वाला है। 65 नए स्वास्थ्य उप केंद्रों की स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीण इलाकों में अब प्राथमिक इलाज गाँव स्तर पर ही उपलब्ध कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए शासन से मंजूरी प्राप्त कर ली है और निर्माण पर कुल 25.69 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। उद्देश्य साफ है—लोगों को छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए सीएचसी या जिला अस्पताल जाने की मजबूरी खत्म हो।
इसके साथ ही पुराने ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। 15 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का कायाकल्प अगले चरण में किया जाएगा, जिससे मरीजों को दवाओं, सुविधाओं और उपचार में सुगमता मिले। जिला प्रशासन का दावा है कि यह पहल स्वास्थ्य तंत्र को गांवों तक मजबूत करेगी और समय पर इलाज से गंभीर स्थितियों को टाला जा सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में मानव संसाधन की कमी भी दूर की जा रही है। फिलहाल जिले में 159 डॉक्टर तैनात हैं, जबकि नए वर्ष में 50 अतिरिक्त चिकित्सकों की भर्ती के साथ यह संख्या दो सौ के पार पहुंच जाएगी। इसके अलावा जमैयतपुर में ट्रॉमा सेंटर का संचालन शुरू हो चुका है, जो आपातकालीन स्थितियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
सीतापुर जिला मुख्यालय में 107 करोड़ रुपये की लागत से 200 बेड वाला नया आधुनिक अस्पताल तेजी से बन रहा है। चार मंजिला यह भवन केवल स्थानीय मरीजों के लिए नहीं, बल्कि आसपास के जिलों को भी बेहतर उपचार उपलब्ध कराएगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह अस्पताल मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड होने की क्षमता भी रखता है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि नया वर्ष स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर होगा—उप केंद्र बढ़ेंगे, डॉक्टर बढ़ेंगे और जांच मशीनों से निजी लैब पर निर्भरता घटेगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इसका फायदा सीधे मरीजों की जिंदगी, समय और खर्च पर पड़ेगा।
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