Hindi News: फेक SMS से बैंक खाते खाली होने का खतरा, TRAI ने बताए पहचानने के 4 कोड

how to identify fake sms trai
5/5 - (1 vote)

Hindi News: डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने नागरिकों को राहत देते हुए असली और नकली SMS पहचानने का सरल तरीका जारी किया है। अक्सर साइबर अपराधी बैंक, सरकार या किसी सर्विस प्रोवाइडर के नाम पर मैसेज भेजकर लोगों को झांसे में लेते हैं और कुछ ही सेकंड में बैंक खाते खाली कर देते हैं। TRAI की नई गाइडलाइन अब ऐसे मैसेज की पहचान आसान बनाएगी।

TRAI ने X प्लेटफॉर्म पर बताया कि अब किसी भी जेनुइन SMS की पुष्टि उसके SMS हेडर के आखिरी अक्षर से की जा सकती है। अगर हेडर में P लिखा है तो वह Promotional, S का मतलब Service, T का अर्थ Transactional और G यानी Government message है। यानी इन चार कोड्स वाला SMS अधिकृत चैनल से आता है और बैंक, बीमा, सरकारी स्कीम या OTP संबंधित जानकारी के लिए सुरक्षित माना जा सकता है।

वहीं दूसरी ओर ठगों के भेजे फेक SMS आमतौर पर इमरजेंसी, लालच या धमकी का सहारा लेते हैं। “आपका ATM ब्लॉक हो गया”, “KYC आज ही अपडेट करें वरना अकाउंट फ्रीज”, “आपने 10 लाख की लॉटरी जीती”—यह भाषा ठगी की सबसे बड़ी पहचान है। ऐसे मैसेज में अजीब लिंक होते हैं जो यूजर को फर्जी पोर्टल पर भेजकर उसकी बैंक डिटेल्स, कार्ड नंबर, CVV और OTP हासिल कर लेते हैं।

एक बार यूजर इन लिंक पर क्लिक कर लेता है तो बैंक खाते से रकम उड़ने में ज्यादा समय नहीं लगता। साइबर सेल का मानना है कि 60% केस ऐसे ही फेक SMS और मैलिशियस लिंक की वजह से होते हैं। विशेषज्ञों और बैंकों की सलाह साफ है—OTP, PIN, CVV और इंटरनेट बैंकिंग डिटेल किसी के साथ साझा न करें।

WhatsApp चैनल फ़ॉलो करें

SitapurCity.com की न्यूज़ अपडेट्स तुरंत अपने WhatsApp पर पाएं !

TRAI ने साफ किया है कि डिजिटल सुरक्षा में नागरिकों की सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है। यदि कोई संदिग्ध मैसेज मिले तो तुरंत उसे डिलीट करें, लिंक पर क्लिक न करें और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। सही SMS पहचानने की क्षमता आने वाले समय में बैंकिंग फ्रॉड को काफी कम कर सकती है।

यह भी पढ़ें: बॉस के मैसेज से राहत! बिना ब्लू टिक दिखाए AI समराइज करेगा WhatsApp चैट

Share this post!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!