Hindi News: राजधानी दिल्ली में सर्द हवाओं और प्रदूषण के डबल अटैक ने जनजीवन को मुश्किल बना दिया है। शनिवार की सुबह शहर भारी स्मॉग, धुंध और घने कोहरे की चादर के साथ जागी। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 376 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।
वहीं कई इलाकों में स्थिति और बदतर रही, जहां AQI 400 पार दर्ज हुआ। प्रदूषण विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की धीमी गति, स्थानीय उत्सर्जन और शीतलहर जैसे कारक लगातार एयर क्वालिटी को प्रभावित कर रहे हैं।
घने कोहरे ने मौसम विभाग को अलर्ट जारी करने पर मजबूर कर दिया है। शनिवार सुबह ऑरेंज अलर्ट लागू रहा, जबकि 21 और 22 दिसंबर को यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। सुबह दृश्यता में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसकी वजह से लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कम दृश्यता से सड़क यातायात की गति धीमी रही और कई जगह वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, आनंद विहार में AQI 428, अशोक विहार में 412, चांदनी चौक में 410, ITO में 433, विवेक विहार में 430 और वजीरपुर में 420 दर्ज किया गया। इन इलाकों में स्मॉग की स्थिति इतनी गंभीर रही कि कई किलोमीटर दूर तक दृश्यता बेहद कमजोर पाई गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी कम से कम 4 दिन तक कोहरे और प्रदूषण से राहत की संभावना नहीं है।
प्रभाव का दायरा हवाई यातायात तक पहुंच गया है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि लो-विजिबिलिटी प्रक्रियाएँ लागू की गई हैं। हालांकि उड़ानें फिलहाल सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं, लेकिन यात्रियों से आग्रह किया गया है कि वे अपने‐अपने एयरलाइन से उड़ानों की ताजा जानकारी अवश्य लें। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए संचालन जारी रहेगा।
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दिल्ली में मौजूदा हालात बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। प्रदूषण विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह‐शाम बाहरी गतिविधियों में कमी लाने, N95 मास्क उपयोग करने और हवा में नमी बढ़ने पर आंखों की सुरक्षा जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी है। भारी ठंड और प्रदूषण के इस दौर में नगर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगाहें अगले कुछ दिनों की मौसम स्थितियों पर टिकी हैं।
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