Hindi News: अमरोहा में मंगलवार रात एक दर्दनाक घटना टल गई, जब कोतवाली में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर ने सरकारी आवास में फांसी लगाकर खुदकुशी करने का प्रयास किया। डिप्रेशन से जूझ रहे दरोगा ने घटना से कुछ ही क्षण पहले अपनी पत्नी को वीडियो कॉल कर आत्महत्या की बात कही और दुपट्टे से बने फंदे को कैमरे पर दिखाया। घबराई हुई पत्नी ने तत्काल कोतवाली के सीयूजी नंबर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर दौड़े और दरोगा की जान बचा ली।
सूत्रों के मुताबिक दरोगा पिछले एक वर्ष से कोतवाली में तैनात थे, जबकि उनका परिवार गाजियाबाद में रहता है। वे कोतवाली की ऊपरी मंजिल पर बने सरकारी क्वार्टर में अकेले रह रहे थे। मंगलवार शाम एसपी अमित कुमार आनंद ने सर्किल क्षेत्र में ओआर किया था। इसी के कुछ घंटे बाद दरोगा ने पत्नी को कॉल कर कहा कि वे आत्महत्या करने जा रहे हैं। कॉल के दौरान फंदा दिखाए जाने से पत्नी समझ गई कि स्थिति गंभीर है और उसने तत्काल सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मी आवास पर पहुंचे तो देखा कि दरोगा फंदे पर चढ़ने की तैयारी में थे। टीम ने तुरंत उन्हें नीचे उतारा और पूरे मामले की जानकारी प्रभारी निरीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दी। बाद में दरोगा की पत्नी और बेटा कोतवाली पहुंचे और उन्हें अपने साथ घर ले गए। अधिकारियों ने दरोगा को फिलहाल अवकाश देकर परिवार के पास भेज दिया है।
Sitapur की ताज़ा न्यूज़ अपडेट्स तुरंत अपने WhatsApp पर पाएं!
प्रभारी निरीक्षक प्रेमपाल सिंह ने बताया कि दरोगा घरेलू कारणों से लंबे समय से डिप्रेशन में थे, और घटना के समय उन्होंने शराब का सेवन भी किया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दरोगा पर किसी प्रकार का कार्यभार दबाव नहीं था और न ही ओआर के दौरान उनसे कोई सख्ती बरती गई थी। घटना से पहले दरोगा ने कोतवाली परिसर में एक परिचित से भी आत्महत्या की बात कही थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। पत्नी के फोन ने स्थिति स्पष्ट कर दी और समय रहते कार्रवाई हो सकी।
यह भी पढ़ें: क्या मोबाइल ऐप आपका पर्सनल डेटा चुरा सकते हैं? जानिए कैसे रखें अपना फोन







