सीतापुर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी पहल शुरू की है। जिले में 10 नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जा रहे हैं, जहां सड़क दुर्घटनाओं की आशंका सबसे अधिक पाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन स्थानों पर सुधार कार्य किए जाएंगे, ताकि हादसों की संख्या कम हो सके।
यातायात विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में सड़क दुर्घटनाएं हर वर्ष बढ़ती जा रही हैं। केवल अक्टूबर महीने में ही 51 लोगों की सड़कों पर मौत हुई है। इनमें से अधिकतर हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरस्पीड, गलत कट, और यातायात नियमों की अनदेखी के चलते हुए हैं।
शासन के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने सभी जिलों को सड़क सुरक्षा मजबूत करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन मार्गों पर सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं, उनका स्थलीय निरीक्षण किया जाए और जहां आवश्यकता हो, वहां तुरंत सुधार कार्य किए जाएं।
इन निर्देशों के बाद यातायात और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने बैठक कर जिले में 10 नए ब्लैक स्पॉट की पहचान शुरू कर दी है। एआरटीओ सर्वेश चतुर्वेदी के अनुसार, वर्तमान में जिले में कुल 30 ब्लैक स्पॉट हैं, जिनमें 12 राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। नए चिन्हित ब्लैक स्पॉट भी मुख्य रूप से हाईवे और प्रमुख सड़कों पर बनाए जाएंगे।
एआरटीओ ने बताया कि ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने का उद्देश्य है—
- दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान
- खतरनाक मोड़ों को सुधारना
- संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाना
- यातायात नियमों का कड़ाई से पालन
- ड्राइवरों को जागरूक करना
यातायात प्रभारी फरीद अहमद ने कहा कि सड़क हादसे रोकने के लिए जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे तय गति सीमा में वाहन चलाएं, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें और सड़क संकेतों का पालन करें।
सड़क सुरक्षा से जुड़े सतर्कता कदमों पर अब प्रशासन और विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
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