सीतापुर जिले में विकास परियोजनाओं की रफ्तार धीमी मिलने पर जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार को नैमिषारण्य क्षेत्र में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा से बाहर जाने वाली परियोजनाओं पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कई अधिकारियों से कार्य प्रगति से जुड़ी जानकारी मांगी गई, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। विशेष रूप से निर्माण निगम के एक अधिकारी को परियोजना से संबंधित अधूरी जानकारी के लिए फटकार लगाई गई।
परियोजना स्थलों के निरीक्षण में डीएम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली पार्किंग से लेकर स्वागत द्वार, मुख्य मार्ग चौड़ीकरण, ध्रुव तालाब की सीढ़ियों और इंट्रेंस प्लाज़ा प्रोजेक्ट तक कई कार्यों में लापरवाही पाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े कामों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
इसी दौरान मुरारका धर्मशाला और हनुमत प्लाज़ा में प्रस्तावित हेरिटेज प्रोजेक्ट्स को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। डीएम ने कहा कि तीर्थ क्षेत्र को पर्यटन दृष्टि से विकसित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी विभाग समय पर काम निपटाएं।
इंस्पेक्शन के बाद देर रात डीएम ने लहरपुर सीएचसी का औचक निरीक्षण भी किया, जहां बिना सूचना के दो डॉक्टर अनुपस्थित मिले। इस पर उन्होंने उनका वेतन रोकने के आदेश दिए और सीएमओ को अस्पताल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि विकास कार्यों में देरी हो या स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही — दोनों पर अब सख्त कार्रवाई होगी।
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